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Rage Bait: सोशल मीडिया का नया हथियार — क्यों चुना गया Oxford का Word of the Year 2025 ?



“ युग में, जिस तरह हम सोशल मीडिया और ऑनलाइन खबरों के संपर्क में आते हैं — वहाँ हमारी भावनाओं को छूना पहले की तुलना में कहीं आसान हो गया है। इसी माहौल में, Oxford University Press ने 2025 का अपना Word of the Year घोषित करते हुए “rage bait” को चुना है।

लेकिन “rage bait” है क्या? यह सिर्फ एक नया स्लैंग नहीं, बल्कि उस चिंता का नाम है, जिसने पिछली कुछ सालों में ऑनलाइन ध्यान-विनिमय (attention economy) की दिशा बदल दी है।


“Rage Bait” — मतलब और इतिहास

क्या है “rage bait”?

  • Oxford के मुताबिक, “rage bait” ऐसा ऑनलाइन कंटेंट होता है जिसे जानबूझकर इस तरह बनाया जाता है कि वह पढ़ने / देखने वाले में गुस्सा, नाराजगी या आक्रोश उत्पन्न करे — यानी भावनात्मक उत्तेजना देकर engagement बढ़ाना।
  • यह clickbait जैसा हो सकता है, लेकिन clickbait जैसा “क्यों पढ़ें/क्यों देखें” सोचने की बजाय, rage bait का मकसद भावनात्मक प्रतिक्रिया (anger / outrage) उत्पन्न करना है।

इतिहास

  • “Rage bait” शब्द पहली बार लगभग 2002 में इंटरनेट फोरम (Usenet) में इस्तेमाल हुआ था, जब ड्राइवरों के बीच जानबूझकर उत्तेजना फैलाने वाले व्यवहार के लिए यह शब्द प्रयोग हुआ था।
  • धीरे-धीरे यह शब्द इंटरनेट स्लैंग, न्यूज़रूम, और सोशल मीडिया चर्चा का हिस्सा बन गया — अब यह न सिर्फ एक शब्द, बल्कि एक चेतावनी बनकर उभरा है।

क्यों चुना गया 2025 का Word of the Year

  • 2025 में, Oxford के भाषा डेटा (lexical data) के अनुसार “rage bait” की ऑनलाइन उपयोगिता पिछले 12 महीनों में तीन गुना बढ़ चुकी है।

  • इस साल की वैश्विक खबरों, डिजिटल मीडिया डिस्कशन, और सोशल मीडिया डिस्कोर्स (विचार-विमर्श) ने दिखाया कि ऑनलाइन कंटेंट अब सिर्फ ध्यान खींचने के लिए नहीं—बल्कि भावनात्मक उत्तेजना के लिए बनाया जा रहा है। इससे engagement, विवाद, polarisation और algorithm-driven outrage culture को बढ़ावा मिलता है।

  • Oxford के अध्यक्ष (President of Oxford Languages) के अनुसार, इस शब्द की लोकप्रियता इस बात का संकेत है कि हम अब “क्लिक” से आगे बढ़कर “भावनाओं” के साथ-खेल कर रहे हैं।

  • इसलिए, “rage bait” न सिर्फ एक इंटरनेट स्लैंग है, बल्कि 2025 की डिजिटल संस्कृति, चिंता और व्यवहार का प्रतीक बन गया है।


“Rage Bait” बनाम “Clickbait” — क्या फर्क है?

पहलू Clickbait Rage Bait
उद्देश्य उत्सुकता (curiosity) जगाना — “क्लिक करो, पढ़ो/देखो” गुस्सा / आक्रोश उत्पन्न करना — reaction, outrage, बहस
भावनात्मक प्रभाव हल्का, औसत तीव्र, भावनात्मक उत्तेजना
आम रूप सनसनीखेज headlines, misleading headlines विवादित पोस्ट, polarizing opinion, provocative content
उद्देश्य page views, clicks engagement, comments, shares, controversy, virality

इस तुलना से स्पष्ट है कि rage bait clickbait का एक “उन्नत रूप” है — जहाँ सिर्फ ध्यान आकर्षित करना नहीं, बल्कि भावनात्मक प्रतिक्रिया और विवाद पैदा करना प्राथमिक उद्देश्य है।


सोशल मीडिया और ऑनलाइन संस्कृति पर इसका असर

  1. भावनात्मक थकान (Emotional Fatigue): लगातार outrage-fueling content देखने से लोग मानसिक रूप से थक सकते हैं। जैसा कि पिछले साल चुना गया शब्द brain rot था — वह धीरे-धीरे इस साल के rage bait से जुड़ता दिखता है।
  2. विवाद और ध्रुवीकरण: ऐसे कंटेंट, जो जानबूझकर polarizing होते हैं, लोगों के बीच मतभेद, झगड़ा और ध्रुवीकरण (polarization) बढ़ाते हैं।
  3. कंटेंट क्रिएशन की नैतिक दुविधा: कंटेंट क्रिएटर, पब्लिशर, और सोशल मीडिया मैनेजर्स के लिए यह विचार करना मुश्किल हो गया है कि उन्होंने मनोरंजन, सूचना या विचार-विमर्श के लिए पोस्ट किया, या सिर्फ engagement व traffic के लिए।
  4. सोशल मीडिया एल्गोरिदम की भूमिका: एल्गोरिद्म अक्सर वो कंटेंट बढ़ावा देता है जिसपर ज़्यादा engagement होती है — और rage bait यही करता है। इसलिए platforms की design और reward system पर सवाल उठता है।
  5. हमारी जागरूकता में वृद्धि: Oxford द्वारा “rage bait” को Word of the Year चुनना इस बात की ओर इशारा है कि हम खुद पहचानने लगे हैं कि हमें किन डिजिटल ट्रैप्स में फँसाया जा रहा है — और वो सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि भावनात्मक उत्तेजना है।

“हम” के लिए संदेश — सोशल मीडिया पर सावधान रहने के तरीके

  • किसी भी वायरल, विवादित या उत्तेजक पोस्ट को रोषपूर्वक न पढ़ें। पहले सोचें: क्या लेखक या पब्लिशर आपका दिमाग भड़काना चाहता है?
  • कंटेंट शेयर करने से पहले रुकें। एड-हॉक प्रतिक्रिया (जैसे तुरंत कमेंट / शेयर करना) देने से बचें — खासकर जब भावनात्मक रूप से उत्तेजक हो।
  • समाचार और जानकारी के स्रोतों पर भरोसा रखें। Verified news outlets, fact-checking साइट्स या भरोसेमंद मीडिया की उपयोगिता बढ़ाएँ।
  • सोशल मीडिया पर अपनी डिजिटल सेहत को प्राथमिकता दें। अगर आप बार-बार ऐसा कंटेंट देखते हैं, तो ब्रेक लें — digital detox करें।
  • डिजिटल मीडिया के बारे में जागरूक रहें। सिर्फ मनोरंजन के लिए नहीं, बल्कि समझदारी और विचार-विमर्श के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल करें।

निष्कर्ष

2025 में, जब ℹ️ हमारी ज़िंदगी का एक बड़ा हिस्सा ऑनलाइन हो गया है — हमारा ध्यान, हमारी भावनाएँ, और हमारी प्रतिक्रियाएँ — सब कुछ। ऐसे में, “rage bait” शब्द सिर्फ एक नया entry नहीं, बल्कि एक चेतावनी है। Oxford द्वारा इसे Word of the Year चुनना इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह हमें यह सोचने पर मजबूर करता है कि हम किन तरीकों से डिजिटल प्लेटफार्म्स पर नियंत्रित हो रहे हैं।

हमारे लिए — एक चेतन netizen के रूप में — यह ज़रूरी है कि हम आँखें खुलकर देखें, महसूस करें कि क्या हमें provoke किया जा रहा है, और जिम्मेदारी से व्यवहार करें। “Rage bait” पर गहरी समझ ही हमें सोशल मीडिया की दुनिया में सुरक्षित, संवेदनशील और सचेत रख सकती है।


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